मकर संक्रांति का महत्व

मकर संक्रांति का पर्व सूर्य के मकर राशि में प्रवेश करने पर मनाया जाता है । मकर संक्रांति के दिन प्रयाग, काशी, गंगा सागर, मथुरा इत्यादि धार्मिक स्थानों में भक्त लोग स्नान दान इत्यादि धार्मिक कार्यों को बड़ी श्रद्धा के साथ करते हैं । इस दिन जो भी दान दिया जाता है । वह करोड़ गुना हो जाता
है ।

महाभारत के नायक भीष्मपितामह ने सूर्य के मकर राशि में  प्रवेश करने पर ही अपने प्राणों का त्याग किया था । मकर संक्रांति का पर्व हमारे देश के विभिन्न क्षेत्रों मे भिन्न-भिन्न नामों से जाना जाता है जैसे उत्तर भारत में मकर संक्रांति गुजरात में उत्तरायण इत्यादि ।

मकर संक्रांति के भगवान सूर्य की पूजा करनी चहिये । भगवान सूर्य को तांबे के लोटे में जल, अक्षत, रोली और एक लाल फुल डालकर अर्घ्य देना चाहिए । इस दिन तिल, गुड़ का दान करना चाहिए । इस दिन तिल के बने लड्डू खाना बहुत शुभ माना जाता हैं  ।

मकर संक्रांति में सूर्य के मकर राशि में प्रवेश करने पर दिन धीरे-धीरे बढ़ने लगते हैं  और रात छोटी होनी लगती हैं और सूर्य का ताप भी धीरे-धीरे बढ़ने लगता है । देवताओं का दिन मकर संक्रांति से ही शुरू हो जाता हैं । मकर संक्रांति के दिन से ही शादी विवाह के कार्यक्रम भी सुरू हो जाते हैं ।

मकर संक्रांति के दिन हमें अन्न का दान भी  करना चाहिए ब्राम्हणों को भोजन कराना चाहिए अगर इतना न हो सके तो किसी गरीब या जरूरतमंद इंसान को अपनी सामर्थ के अनुसार अन्न का दान कर दे।

मकर संक्रांति के दिन शिव पूजा का भी विशेष महत्व है । इस दिन भगवान शिव के मंदिर में जाकर उनका पंचामृत से अभिषेक करना चाहिए और उन्हें बिल्वपत्र और जल भी चढ़ाना चाहिए । इससे भगवान शिव खुश होते हैं और भक्त की मनोकामना को पूरी करते हैं ।

मकर संक्रांति के दिन बहुत से लोग पतंगबाजी करते है । गुजरात में तो बच्चे, जवान और महिलाए भी पतंग उड़ाने का भरपूर आनंद लेती है । उत्तर भारत में लोग लाई चुरा रेवड़ी तिल और गुड़ के लड्डू  खाना बहुत पसंद करते हैं ।

मकर संक्रांति के दिन खिचड़ी बना कर भगवान को भोग लगाना चाहिए और खुद भी खिचड़ी खाना चाहिए क्योंकि इस दिन खिचड़ी खाना हमारे धर्म ग्रंथों में बहुत शुभ माना गया हैं । मकर संक्रांति के दिन हमें अधिक से अधिक धर्म कार्यों को करना चाहिए । इससे हमारे जन्म जन्म के पापों का नाश होता है । 

मकर संक्रांति के दिन गंगा स्नान का बड़ा भारी महत्व हैं ।
इसलिए इस हमें गंगा स्नान जरूर करना चाहिए । अगर हम गंगा स्नान को ना जा सके तो घर पर ही पानी की बाल्टी में गंगा जल की  कुछ बूंदे डालकर स्नान करना चाहिए और माता गंगा के नामों का कीर्तन भी करना चाहिए । एसा करने से हमे गंगा स्नान का ही पुण्य मिलेगा ।




















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